تعریف: آموزش ( سیکھنا) ایک ایسا عمل ہے، جو پیدائش سے لے کر موت تک جاری رہتا ہے،انسان ہر حال سے سیکھتا ہے اور اپنے رویے کو بدلتا ہے، یہی سیکھنا ہے، اس لیے ہم کہہ سکتے ہیں کہ سیکھنا اپنے رویے کو حالات کے مطابق بدلنا ہے۔
अधिगम जन्म से लेकर मृत्यु तक चलने वाली प्रक्रिया है व्यक्ति प्रत्येक परिस्थितियों से सीखता है और अपने व्यवहार में परिवर्तन करता है यही सीखना है इसलिए हम कह सकते हैं परिस्थिति के अनुसार अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना ही सीखना है।
Learning is a process that continues from birth to death. A person learns from every situation and changes his behavior. This is learning, hence we can say that learning is to change one's behavior according to the situation.
اہم نکات
महत्वपूर्ण बिंदु
Important Points
نمبر ایک: سیکھنا موافقت کا عمل ہے۔
सीखना अनुकूलन (adaptation) की प्रक्रिया है।
نمبر دو: سیکھنا ایک آفاقی عمل ہے۔
सीखना सार्वभौमिक (universal) प्रक्रिया है।
نمبر تین: سیکھنا رویے میں تبدیلی ہے۔
सीखना व्यवहार में परिवर्तन है।
نمبر چار: سیکھنا ایک ذہنی عمل ہے۔
सीखना एक मानसिक प्रक्रिया (mental process) है।
نمبر پانچ: اسکول کی تعلیم میں، ماحول میں شرکت کے ذریعے مہارت اور علم کے حصول پر زیادہ زور دیا جانا چاہیے۔
school में अधिगम में परिवेश से सहभागिता द्वारा कौशलों और ज्ञान का अर्जन पर अधिक बल देना चाहिए।
نمبر چھ: بامعنی سیکھنے میں مختلف طریقوں سے کسی مسئلے پر غور کرنے کی ترغیب دینا زیاد بہتر ہے۔
सार्थक अधिगम meaningful learning में एक समस्या पर विविध तरीकों से विचार करने के लिए प्रोत्साहित Encouraging करना।
نمبر سات: سیکھنا زیادہ بامعنی اور موثر ہے اگر یہ بنیادی طور پر خود ہدایت ہو۔
अधिगम अधिक सार्थक और प्रभावशाली होता है अगर वह मुख्यतः स्व-निर्देशित Self-directed हो।
نمبر آٹھ: ابتدائی کلاسوں میں طریقہ کار کے ذریعے سیکھنے سیکھانے کے عمل کو زیادہ موثر اور کار آمد سمجھا جاتا ہے۔
प्रारंभिक कक्षाओं में, शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के लिए करके सीखना Learning by doing दृष्टिकोण बेहतर है।
نمبر نو:اسکول کے سماجی مواقع میں شرکت سیکھنے کے لیے اہم ہے۔
अधिगम के लिए विद्यालय के सामाजिक अवसरों में भागीदारी महत्त्वपूर्ण है।
نمبر دس: سیکھنا بنیادی طور پر ایک سماجی سرگرمی ہے۔
अधिगम मुख्य रूप से एक सामाजिक क्रिया है।
نمبر گیارہ: موثر سیکھنے کے لیے متعلم کی فعال شرکت کی ضرورت ہوتی ہے۔
प्रभावी अधिगम के लिए शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होती है।
نمبر بارہ:معنی خیز سیکھنے میں تجزیہ، تنقیدی سوچ اور مسئلہ حل کرنے کے عمل شامل ہیں۔
सार्थक अधिगम Meaningful learning में विश्लेषण, समालोचनात्मक सोच तथा समस्या समाधान analysis, critical thinking and problem-solving की प्रक्रियाएं शामिल हैं।
سیکھنے کے منحنی خطوط
अधिगम वक्र (Curves of Learning)
جب سیکھنے کی مقدار، اثر، صلاحیت وغیرہ کو کسی بھی میڈیم، گراف، ڈایاگرام وغیرہ کے ذریعے ظاہر کیا جاتا ہے، تو اسے سیکھنا کہتے ہیں، اس میں سیکھنے کی کمی یا زیادتی یا صفر حالت کا اظہار کیا جاتا ہے۔
سیکھنے کے منحنی خطوط کی 4 اقسام ہیں۔
जब अधिगम की मात्रा, प्रभाव, क्षमता आदि को किसी माध्यम ग्राफ), आरेख etc) से प्रदर्शित किया जाता है तो वह अधिगम वक्र कहलाता है। इसमें अधिगम की न्यूनता या अधिकता या शून्य स्थिति व्यक्त की जाती है। अधिगम वक्र के 4 प्रकार होते है -
نمبر ایک: سیدھی لکیر کا جانا:- اس میں سیکھنے کی رفتار یکساں ہے۔
(i) सरल रेखीय वक्र (Straight Line Curve):- इसमें सीखने की गति एक समान होती है।
نمبر دو: اوپر سے نیچے کی طرف:- اس میں سیکھنے کی رفتار شروع میں تیز ہوتی ہے اور بلند ترین مقام پر پہنچنے کے بعد سیکھنے کی رفتار سست پڑنے لگتی ہے۔
(ii) उन्नतोदर वक्र (Elevation Curve):- इसमें सीखने की गति शुरू में तेज होती है और उच्चतम बिंदु पर पहुंचने के बाद सीखने की गति धीमी होना शुरू हो जाती है।
نمبر تین: نیچے سے اوپر کی طرف کی لکیر -: اس میں ابتدا میں سیکھنے کی رفتار سست ہوجاتی ہے، پھر آہستہ آہستہ سیکھنے کی رفتار بڑھنے لگتی ہے اور یہ بلندی کی طرف بڑھتا ہے۔
(iii) नतोदर अधिगम वक्र (Concave Learning Curve)-: इसमें शुरू में सीखने की गति धीमी हो जाती है उसके बाद धीरे धीरे सीखने की गति तेज होना शुरू होती है और वह उच्चतम स्तर की ओर बढ़ती है।
نمبر چار: مختلف طریقے سے سیکھنے کا منحنی خطوط: اس میں سیکھنے کی رفتار شروع میں تیز یا سست ہو سکتی ہے اور سیکھنے کی رفتار آخر میں بھی تیز یا سست ہو سکتی ہے۔
یہ وکر محدب اور مقعر سیکھنے کے منحنی خطوں میں سے عام شکل ہے۔
(iii) मिश्रित अधिगम वक्र: इसमें शुरू में अधिगम की गति तेज या धीमी और अंत में भी अधिगम की गति तेज या धीमी दोनों तरह से हो सकती है। यह वक्र वक्रॉ उन्नतोदर व नतोदर अधिगम वक्र का मिलाजुला रूप है।
سطح مرتفع سیکھنا
अधिगम पठार (Learning Plateau)
سیکھنے کی مرتفع سطح: اس میں سیکھنے کی رفتار رک جاتی ہے، یعنی اس میں نہ ترقی ہوتی ہے اور نہ ہی زوال، سیکھنے کی سطح مرتفع میں، سیکھنے کی رفتار صفر ہے۔
अधिगम पठार (Learning Plateau): इसमें सीखने की गति रुक जाती है यानी उस में न तो उन्नति होती है और न अवनति। अधिगम का पठार में अधिगम की गति जीरो होती है।
تدریس کی سطح
शिक्षण के स्तर (Levels Of Teaching)
تدریس کی سطح کو تین درجوں میں تقسیم کیا گیا ہے:
शिक्षण के स्तर को तीन स्तरों में बांटा गया है-:
نمبر ایک:یادداشت کی سطح: یہ ہربرٹ نے دی تھی۔
1. स्मृति स्तर (Memory Level) : यह हर्बर्ट ने दिया था।
اس درجے میں بچے کے حافظے پر زور دیا جاتا ہے۔
इस स्तर में बच्चे के रटने पर बल दिया जाता है।
یہ تدریسی آموزش (سیکھنے )کے عمل کی سب سے نچلی سطح (کم درجہ) ہے۔
इस स्तर के शिक्षण अधिगम का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना है।
اس سطح پر پڑھانے اور سیکھنے کا مقصد صرف علم حاصل کرنا ہے۔
इस स्तर के शिक्षण अधिगम का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना है।
یہ چھوٹی کلاسوں کے لیے ہے۔
यह छोटी कक्षाओं के लिए होता है।
نمبر دو: تفہیم کی سطح: یہ موریسن نے دی تھی۔
2. समझ बोध स्तर / (Understaning Level): यह मोरिशन ने दिया था।
یہ سطح میموری کی سطح (یاد داشت کی سطح) سے قدرے زیادہ ہے۔
यह स्तर स्मृति स्तर से कुछ ऊंचा होता है।
اس قسم میں رٹنے کے بجائے علم کو اچھی طرح سمجھنے پر زور دیا جاتا ہے، اس لیول میں بچوں کو دیے گئے علم یا اصول یا اصول اس طرح فراہم کیے جاتے ہیں کہ بچہ ان کا عملی طور پر اطلاق بھی کر سکے۔
इस तरह में रटने की बजाय ज्ञान को अच्छी तरह से समझने पर बल दिया जाता है, इस स्तर में बच्चों को जो ज्ञान दिया जाता है या नियम या सिद्धांत बताए जाते हैं वह इस तरह से प्रदान किए जाते हैं, ताकि बच्चा उनका व्यावहारिक प्रयोग भी कर सकें।
نمبر تین: سوچ کی سطح
3. चिंतन स्तर (thinking level)-:
اسے پڑھائی سیکھنے کا اعلیٰ ترین درجہ سمجھا جاتا ہے۔
यह शिक्षण अधिगम का सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है।
اس مرحلے میں بچوں کو اپنی ذہنی قوتوں کی نشوونما کے مکمل مواقع ملتے ہیں۔
इस स्तर में बच्चों को अपनी मानसिक शक्तियों के विकास के पूर्ण अवसर प्राप्त होते हैं।
اس میں پہلے بچوں کو مختلف اصولوں وغیرہ کے بارے میں معلومات دی جاتی ہیں اور پھر انہیں آزادانہ طور پر معلومات دی جاتی ہیں، اس پر غور کرنے اور نتائج اخذ کرنے کے مواقع فراہم کیے جاتے ہیں۔
इसमें पहले बच्चों को विभिन्न नियमों सिद्धांतों आदि की जानकारी दी जाती है फिर उन्हें स्वतंत्र रूप से । इस पर चिंतन करने और निष्कर्ष निकालने के अवसर दिए जाते हैं।
خردہ تدریس) مائیکرو ٹیچنگ)
सूक्ष्म शिक्षण (Micro Teaching)
مائیکرو ٹیچنگ: یہ تدریس کا ایک چھوٹا سا فارمیٹ ہے، جس میں کلاس میں تدریسی سرگرمیاں باریک طریقے سے کام کرتی ہیں۔
सूक्ष्म शिक्षण : यह शिक्षण का छोटा सा प्रारूप है जिसमें Class में शिक्षण क्रियाएं सूक्ष्म रूप से कार्य करती है।
Micro teaching: This is a small format of teaching in which the teaching activities in the class work in a subtle way.
ایلن صاحب نے مائیکرو ٹیچنگ کا طریقہ تیار کیا۔
सूक्ष्म शिक्षण विधि का विकास एलेन महोदय ने किया।
The micro teaching method was developed by Sir Allen.
مائیکرو لرننگ کم وقت میں زیادہ کارکردگی فراہم کرتی ہے۔
सूक्ष्म शिक्षण से कम समय में अधिक दक्षता प्रदान किया जाता है।
Microlearning provides greater efficiency in less time.
مائیکرو ٹیچنگ کے ذریعے اساتذہ کی مہارتوں کو تیار کیا جاتا ہے، جیسے بلیک بورڈ کی مہارت، کمک (مدد) کی مہارت، سوال کرنے کی مہارت۔
सूक्ष्म शिक्षण से शिक्षकों के कौशल का विकास किया जाता है जैसे श्यामपट कौशल, पुनर्बलन कौशल, प्रश्न प्रवाह कौशल।
Through micro teaching, skills of teachers are developed like blackboard skills, reinforcement skills, question flow skills.
مائکرو سیکھنے کا عمل
सूक्षम शिक्षण की प्रक्रिया
micro learning process
نمبر ایک: سبق کا منصوبہ بنانا: سب سے پہلے استاد سبق کا منصوبہ بنائے گا۔
1. पाठयोजना निर्माण: पहले टीचर पाठ्य योजना का निर्माण करेगा।
1. Making a lesson plan: First the teacher will make a lesson plan.
کلاس روم میں تدریس: سبق کا منصوبہ بنانے کے بعد، استاد کلاس میں آکر پڑھائے گا۔ اسے مکمل کرنے کے لیے 6 منٹ کا ٹائم ریزرو ہے۔
॥. कक्षा शिक्षण: पाठयोजना बनाने के बाद टीचर क्लास में आकर पढाएगा शिक्षण करवाने के लिए 6 मिनट का समय रिज़र्व होता है।
Classroom Teaching: After making the lesson plan, the teacher will come to the class and teach. 6 minutes of time is reserved for teaching.
نمبر تین: فیڈ بیک: فیڈ بیک دینے کے لیے بھی 6 منٹ
III. प्रतिपुष्टि : फीडबैक देने के लिए भी 6 मिनट।
III. Feedback: Also 6 minutes to give feedback.
نمبر چار: دوبارہ سبق کی منصوبہ بندی 12 منٹ میں کریں۔
IV. पुनः पाठयोजना इसमें 12 मिनट
IV. 12 minutes into lesson planning again
نمبر پانچ: دوبارہ پڑھانا 6 منٹ
V. पुनः शिक्षण 6 मिनट
V. Re-teaching 6 minutes
نمبر چھ: دوبارہ رائے 6 منٹ، کل = 36 منٹ ہوگیے۔
VI. पुनः प्रतिपुष्टि 6 मिनट، कुल = 36 मिनट
VI. Again feedback 6 minutes total = 36 minutes
سیکھنے کی منتقلی
अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)
تعریف: جب ایک سیکھا ہوا ہنر/کام دوسرے سیکھے ہوئے ہنر/کام کو متاثر کرتا ہے، تو اسے سیکھنے کی منتقلی کہا جاتا ہے:- ٹرک چلانے میں سیکھا ہوا ہنر، کار چلانے کے عمل کو متاثر کرتا ہے۔
जब कोई एक सीखा हुआ कौशल / काम दूसरे सीखने के कौशल / काम को प्रभावित करता है तो उसे सीखने का स्थानांतरण कहते है जैसे:- ट्रक चलाने में सीखा गया कौशल कार चलाने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
منتقلی کی اقسام
स्थानांतरण के प्रकार
نمبر ایک:مثبت منتقلی: - مثبت منتقلی پچھلے علم، تجربے یا تربیت سے نئی چیزیں سکھانے میں مدد کرتی ہے۔
جب کسی کام کو کرنے کا علم، قابلیت یا تجربہ دوسرے کاموں کو کرنے میں مدد کرتا ہے تو اسے سیکھنے کی مثبت منتقلی سمجھا جاتا ہے۔
جیسے: - ہندی زبان کے علم کو مثبت منتقلی کہا جائے گا، کیونکہ اس سے سنسکرت زبان سیکھنے میں مدد ملتی ہے، اسی طرح فارسی زبان سیکھنے سے اردو زبان میں بھی معاونت ہوتی ہے۔
धनात्मक स्थानान्तरण(positive transfer) :- धनात्मक स्थानान्तरण पूर्व ज्ञान, अनुभव अथवा प्रशिक्षण नई बातों को सिखाने में सहायता प्रदान करता है।
किसी कार्य को करने का ज्ञान, योग्यता अथवा अनुभव जब अन्य कार्यों को करने में सहायक होता है तब इसे सीखने का धनात्मक स्थानान्तरण माना जाता है।
जैसे :- हिंदी भाषा का ज्ञान संस्कृत भाषा सीखने में सहायता प्रदान करने के कारण धनात्मक स्थानान्तर कहलाएगा।
نمبر دو: منفی منتقلی: جب کسی کام کو انجام دینے کا علم، صلاحیت یا تجربہ کسی دوسرے کام کی کارکردگی کے لیے نقصان دہ ہو، پھر اس سیکھنے کو منفی منتقلی کہا جاتا ہے۔
مثلاً: دل کی بیماری کی صورت میں تیز چلنے کی عادت ڈاکٹر کے مشورے کے باوجود آہستہ چلنے میں رکاوٹ بنتی ہے، اس لیے اسے منفی منتقلی کہا جائے گا۔
ऋणात्मक स्थानान्तरण (negative transfer): किसी कार्य को करने का ज्ञान, योग्यता अथवा अनुभव जब दूसरे कार्य को करने में घातक होता है। तब इसे सीखने ऋणात्मक स्थानान्तरण कहा जाता है।
जैसे :- तेज चलने का अभ्यास दिल की बीमारी की स्थिति में चिकित्सक की सलाह के बावजूद धीमे चलने में बाधक होता है अतः इसे ऋणात्मक स्थानान्तरण कहा जाएगा।
نمبر تین: زیرو منتقلی:- جب پچھلا تجربہ سیکھنے کے عمل میں نہ تو مددگار ہوتا ہے اور نہ ہی کوئی رکاوٹ، تو وہاں سیکھنے کی صفر منتقلی پائی جاتی ہے۔
शून्य स्थानांतरण (Zero transfer):- सीखने की प्रक्रिया में जब पूर्व अनुभव ना तो सहायक होता है ना ही बाधक होता है तो वहां पर अधिगम का शून्य स्थानांतरण पाया जाता।
نمبر چار: افقی منتقلی:- جب کسی بھی سطح پر حاصل کردہ علم، تجربہ یا تربیت کو کوئی شخص تقریباً اسی طرح کے حالات میں استعمال کرتا ہے، تو اسے سیکھنے کی افقی منتقلی کہا جاتا ہے۔ ریاضی میں جمع اور گھٹاؤ کے مسائل کو حل کرنے کی مشق اسی طرح کے سائنس کے دیگر سوالات کو حل کرنے میں مفید ہے۔
क्षैतिज स्थानान्तरण (Horizontal Transfer):- जब किसी स्तर में अर्जित ज्ञान, अनुभव अथवा प्रशिक्षण का उपयोग व्यक्ति के द्वारा उसी प्रकार की लगभग समान स्थित में किया जाता है, तो इसे सीखने का क्षैतिज स्थानान्तरण कहते हैं। गणित में जोड़ घटाने के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास उसी तरह के विज्ञान के अन्य प्रश्नों को हल करने में काम आता है।
سیکھنے کی معذوری
LEARNING DISABILITIES
अधिगम अक्षमता
سیکھنے کی صلاحیت یا اہلیت میں کمی کو سیکھنے کی معذوری کہا جاتا ہے، ایک متغیر مرحلہ ہے۔
सिखने की क्षमता या योग्यता में कमी को अधिगम अक्षमता कहते है। एक चर अवस्था (variable stage) है।
Lack of capability or ability to learn is called learning disability. is a variable stage.
نمبر ایک: ڈسلیکسیا
پڑھنے سے متعلق مشکلات یعنی بچہ حرف نہیں پہنچان پا رہا ہو، جیسے ب کو پ اور اسی طرح ڈبلیو کو ایم پڑھتا ہو۔
1. DYSLEXIA
पढ़ने से सम्बंधित कठिनाई है जैसे कि बच्चा अक्षरों का उच्चारण करने में सक्षम नहीं है, जैसे कि उर्दू में बा को पा और डब्ल्यू को एम पढ़ता हो।
نمبر دو: دیسگرافیا
لکھنے کے متعلق دشواری ہے، جیسے کہ بچہ ب کی جگہ پ اور ڈبلیو کی جگہ ایم کا لکھتا ہو۔
2. DYSGRAPHIA
लिखने से सम्बंधित कठिनाई है, जैसे बच्चा b की जगह p और w की जगह m लिखता है।
نمبر تین: ڈسکلکولیا
ریاضی (حساب)کے متعلق مسئلہ، جیسے کہ بچہ حساب صحیح سے نہیں کر پاتا ہو۔
3. Dyscalculia
गणित की कोई समस्या, जैसे किसी बच्चे का गणित ठीक से न कर पाना।
نمبر چار: ڈیسمورفیا
الجھن کی حالت میں ہونا جیسا کہ بچہ کسی کو دیکھ کر صحیح سے پہچان نہیں پاتا ہو، مثلا مرغی اور مور میں فرق نہیں کر پاتا ہو۔
4. DYSMORPHIA
भ्रम की स्थिति में रहना, जैसे किसी बच्चे का किसी को ठीक से न पहचान पाना, उदाहरण के लिए मुर्गे और मोर में अंतर न कर पाना ।
نمبر پانچ: ڈیسفاسیا
تقریر سے متعلق خرابی، جیسا کہ بچہ بولنا کچھ چاہتا ہو اور بول کچھ دیتا ہو۔
5. DYSPHASIA
भाषण से संबंधित विकार, जैसे बच्चा कुछ कहना चाहता है और कुछ कहता है।
نمبر چھ: ڈیسپراکسیا
جسمانی مہارت کی خرابی، جیسا کہ بچہ جسم کے کسی حصہ کو صحیح طرح استعمال نہیں کرسکتا ہو۔
6. Dyspraxia
शारीरिक कौशल से संबंधित विकार, जैसे कि बच्चे का शरीर के किसी अंग का सही ढंग से उपयोग न कर पाना।
نمبر سات: ڈستھیمیا
کشیدگی سے متعلق تناؤ، بچے کا ہما وقت دماغی الجھن اور پریشانی میں مبتلا رہنا۔
7. DYSTHYMIA
तनाव से संबंधित, बच्चे का लगातार मानसिक भ्रम और चिंता रहना।
اہم نکات
प्रमुख बिंदु
important points
نوٹ: اے ڈی ایچ ڈی (اٹینشن ڈیفیسٹ ہائپر ڈس آرڈر): اس میں بچہ ایک چیز پر توجہ نہیں
دے پاتا اور بہت زیادہ متحرک ہوتا ہے۔
ADHD (attention deficit hyperactive disorder) अटेंशन डेफिसिट हाइपर डिसऑर्डर: इसमें बच्चा एक चीज़ पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता और बहुत hyper active होता है।
نوٹ: آٹزم دہرائے جانے والے رویے کو آٹزم کہتے ہیں، یہ معذوری سماجی رابطے میں چیلنجوں کا سبب بنتی ہے۔
स्वलीनता / आत्मकेंद्रिता Autism दोहराव repetitive और बार बार किये जाने वाला व्यवहार behaviour, autism कहलाता है। यह दिव्यांगता सामाजिक संचार social communication में चुनौतियों का कारण बनती है।
نوٹ: آر پی ڈبلیو ڈی ایکٹ ۲۰۱۶: آر پی ڈبلیو ڈی ایکٹ ٢٠١٦ پی ڈبلیو ڈی ایکٹ ١٩٩٥ کی جگہ لایا گیا۔
پی ڈبلیو ڈی ایکٹ ٢٠١٦ نے پی ڈبلیو ڈی ایکٹ ١٩٩٥ میں معذوری کی موجودہ سات (٧) اقسام کو بڑھا کر اکیس (٢١) اقسام کر دیا اور یہ بھی یقینی بنایا کہ مرکزی حکومت کو معذوری کی مزید اقسام شامل کرنے کا اختیار حاصل ہے۔
RPWD act 2016 RPWD एक्ट 1995 के स्थान पर pwd act 2016 लाया गया। पीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में पीडब्ल्यूडी एक्ट 1995 में मौजूदा विकलांगता के 7 प्रकारों से बढ़कर 21 प्रकार कर दिए गए और साथ ही यह भी सुनिश्चित कर दिया गया कि केंद्र सरकार के पास और विकलांगता के प्रकार जोड़ने की शक्ति भी होगी।
افراد کے حقوق
Rights of Persons
व्यक्तियों के अधिकार
ایکٹ۲۰۱۶ کی طرف سے تجاویز
इसके द्वारा सुझाई गई युक्तियाँ
نمبر ایک: زندگی کے تمام شعبوں میں مساوات اور عدم امتیاز، ہر 5 سال بعد اسکول جانے والے بچوں کا سروے کرنا۔
जीवन से सभी क्षेत्रों में समानता और गैर भेदभाव स्कूल जाने वाले बच्चो का हर 5 साल में सर्वे करना।
نمبر دو:کتابیں، تدریسی مواد، وغیرہ فراہم کرنا۔
books, TLM, आदि उपलब्ध कराना।
نمبر تین: لوکوموٹر ڈس ایبلٹی: اس صلاحیت کا تعلق "جسمانی معذوری یا پٹھوں کے صحیح طریقے سے حرکت کرنے میں ناکامی سے ہے، جیسے چلنے، چھلانگ لگانے، ہاتھ میں کسی چیز کو پکڑنے میں ناکامی وغیرہ۔
गामक / गतिमान अक्षमता (Locomotor disability) यह क्षमता "शारीरिक अक्षमता या muscles का सही तरीके से नहीं चलना" से संबंधित होती है जैसे चलना, कूदना, हाथ में कोई वस्तु ना पकड़ पाने की अक्षमता आदि।
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