https://tagassistant.google.com/#/?url=https%3A%2F%2Fguldastakafi.blogspot.com%2F بچوں کی مرکزی تعلیم، سگمنڈ فرائیڈ:نفسیاتی نظریہ اور ہم آہنگی (बाल केंद्रित शिक्षा तथा प्रगतिशील शिक्षा، सिगमंड फ्रायड: मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत، समायोजन)

بچوں کی مرکزی تعلیم، سگمنڈ فرائیڈ:نفسیاتی نظریہ اور ہم آہنگی (बाल केंद्रित शिक्षा तथा प्रगतिशील शिक्षा، सिगमंड फ्रायड: मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत، समायोजन)

بچوں کی مرکزی تعلیم،  سگمنڈ فرائیڈ:نفسیاتی نظریہ اور ہم آہنگی (बाल केंद्रित शिक्षा तथा प्रगतिशील शिक्षा،  सिगमंड फ्रायड: मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत، समायोजन)

 بچوں کی مرکزی تعلیم

बाल केंद्रित शिक्षा तथा प्रगतिशील शिक्षा 
Child centered and Progressive Education

 جان ڈیوی بچوں پر مرکوز تعلیم کے حامی تھے،  چائلڈ سینٹرڈ ایجوکیشن ایک ایسی تعلیم ہے، جس میں ہم بچوں کو مرکز کے طور پر رکھ کر تعلیم فراہم کرتے ہیں۔  بچوں پر مرکوز تعلیم کے تحت بچے کی دلچسپیوں، رجحانات اور صلاحیتوں کو مدنظر رکھتے ہوئے تعلیم دی جاتی ہے۔  جب ہم بچوں کو بچوں پر مرکوز تعلیم فراہم کرتے ہیں، تو سیکھنا دلچسپ ہو جاتا ہے۔

बाल केंद्रित शिक्षा के समर्थक ' जॉन डीवी '(Jonn Dewey) थे। बाल केंद्रित शिक्षा एक ऐसी शिक्षा है जिसमे हम बच्चो को केंद्र बिंदु मानकर शिक्षा प्रदान करते है। बाल केंद्रित शिक्षा के अंतर्गत बालक की रूचियो (Interest), प्रवृतियों तथा क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा प्रदान की जाती है। जब हम बच्चो को बाल केंद्रित शिक्षा प्रदान करते है तो शिक्षण रुचिकर होता है।

 ترقی پسند تعلیم

प्रगतिशील शिक्षा 
(Progressive Education)

 جب ہم بچے کو اس کے رویوں اور دلچسپیوں کے مطابق پڑھاتے ہیں، تو اس کی تعلیم کی سطح بڑھ جاتی ہے جسے ترقی پسند تعلیم کہا جاتا ہے۔

जब बच्चे को हम उसकी अभिवृतियों (Attitudes), इच्छाओ (Interests) के अनुसार पढ़ाते है तो उसका शिक्षा-स्तर बढ़ जाता है जिसे प्रगतिशील शिक्षा कहते है।

ترقی پسند تعلیم کے مطابق تعلیم بچے کے لیے بنائی جاتی ہے نہ کہ بچے کی خاطر۔

 प्रगतिशील शिक्षा के अनुसार शिक्षा बच्चे के लिए बनी है न कि बच्चा शिक्षा के लिए।

 ترقی پسند تعلیم بچے کی ہمہ جہت ترقی کا باعث بنتی ہے۔

प्रगतिशील शिक्षा से बच्चे का सर्वागीण (all round) विकास होता है।

ترقی پسند تعلیم کر کےسیکھنے  پر زور دیتی ہے۔

प्रगतिशील शिक्षा 'करके सीखना' (learning by doing) प्रबल देती है।

 ترقی پسند تعلیم میں بیٹھنے کا انتظام، ٹائم ٹیبل، لچکدار ہونا چاہیے۔

progressive education में seating arrangement, time table, flexible होना चाहिए।

باہمی تعاون کے ساتھ سیکھنے میں جگہ لیتا ہے۔

इसमें सहयोगिता पूर्ण अधिगम (collaborative learning) होता है।

 سی بی ایس ای کے مطابق - ترقی پسند تعلیم میں بچوں کو گروپ میں فعال حصہ دار ہونا چاہیے اور سماجی ہنر سیکھنا چاہیے۔

according to CBSE - progressive education में बच्चे समूह में active participant करे और social skill को सीखे।

ریاستہائے متحدہ کے ماہر نفسیات جان ڈیوی نے ترقی پسند تعلیم میں اپنا حصہ ڈالا ہے۔

प्रगतिशील शिक्षा में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के मनोवैज्ञानिक जॉन डीवी (john dewey) का योगदान है।

 جان ڈیوی نے تعلیم کو سہ قطبی عمل قرار دیا ہے۔

जॉन डीवी ने शिक्षा को त्रिध्रुवीय प्रणाली (Tripolar Process) बताया है।

سہ قطبی (محور) نظام

त्रिध्रुवीय प्रणाली (Tripolar Process)

 استاد

अध्यापक (अध्यापक)

 لڑکا

बालक (Boy)

 نصاب

पाठ्यक्रम (Syllabus)

انحصار متغیر ) منحصر متغیر)

आश्रित चर (dependent variable)

آزاد متغیر درمیانی متغیر

स्वतंत्र चर (independent variable) मध्यस्थ चर (intermediate variable)

ہندوستان میں بچوں پر مرکوز تعلیم کا سہرا 'گیجو بھائی' کو دیا جاتا ہے۔

 भारत में बाल केंद्रित शिक्षा का श्रेय'गिजुभाई' को दिया जाता है।

 سگمنڈ فرائیڈ:نفسیاتی نظریہ

 सिगमंड फ्रायड: मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत
Sigmund Freud: Psychoanalytic Theory

 یہ نظریہ آسٹریا کے رہنے والے سگمنڈ فرائیڈ نے پیش کیا تھا اس نظریہ میں دماغ یا دماغ کا تجزیہ کیا جاتا ہے۔

इस सिद्धांत का प्रतिपादन सिगमंड फ्रायड ने किया था जो ऑस्ट्रिया के निवासी थे इस सिद्धांत में मन या मस्तिष्क का विश्लेषण किया जाता है

 اس نے ذہن کی تین قسمیں بیان کیں۔

इन्होंने तीन type के मन बताएं:

نمبر ایک: باشعور ذہن

1. चेतन मन (Conscious mind)

نمبر دو: لاشعوری ذہن

2. अर्ध चेतन (Subconscious mind)

 نمبر تین :غیر شعوری ذہن

3.अचेतन (Un Conscious mind)

 اس ذہن کا تعلق حال کے خیالات سے ہے۔

यह मन Present के विचारों से related होता है

 ہم اس میں فوراً علم حاصل نہیں کرتے، لیکن کچھ وقت دینے کے بعد یاد کیا جا سکتا ہے۔

इसमें हमें तुरंत ज्ञान नहीं होता लेकिन कुछ Time देकर याद किया जा सकता है।

 اس میں وہ چیزیں ہیں جنہیں ہم بھول چکے ہیں اور جنہیں یاد کرتے ہوئے بھی ہمیں یاد نہیں رہتا۔

इसमें वे बातें होती है जो हम भूल चुके हैं और हमारे याद करने पर भी याद नहीं आती है।

 فرائیڈ نے شخصیت کو تین حصوں میں تقسیم کیا ہے۔

फ्रायड ने व्यक्तित्व (Personality) को तीन भागों में बांटा है:

نمبر ایک ایڈم:- اس میں انسان کی جسمانی اور بنیادی ضروریات جیسے بھوک، پیاس، جنس وغیرہ کو پورا کرنا ہوتا ہے، اس میں معاشرتی ضروریات اور اخلاقی اقدار کی پرواہ کیے بغیر خواہشات کی تکمیل پر زور دیا گیا ہے۔

(i) Id (इदम्) :- इसमें व्यक्ति की शारीरिक और मूल आवश्यकताएं है जैसे भूख, प्यास, Sex आदि को Satisfied करना होता है यह सामाजिक आवश्यकताओं और नैतिक मूल्यों की चिंता किए बिना इच्छाओं की पूर्ति पर बल देता है।

نمبر دو: انا: - یہ ضروریات یا خواہشات کی تسکین کے لیے ایک منصوبہ تیار کرتا ہے اور اس پر عمل درآمد کرتا ہے یا نتائج کی فکر کرتا ہے۔

(ii) Ego (अहम) :- यह आवश्यकताओ या इच्छाओं की संतुष्टि की योजना का निर्माण करता है और उसका implementation करता है या परिणामों की चिंता करता है।

نمبر تین: سپر ایگو: یہ معاشرے کے بتائے ہوئے اخلاقی اصولوں کے مطابق کام کرتا ہے یعنی انسان میں جتنی سپر ایگو ہوگی، اتنا ہی وہ برے کاموں سے دور رہے گا جیسے کہ چوری یا جھوٹ نہیں بولنا۔

(iii) पराअहम् (Super Ego): यह समाज द्वारा नैतिक सूत्रों के According काम करता है यानी जिस व्यक्ति के अंदर Super Ego ज्यादा होगी वह बुरे कामों से उतना ही दूर होगा जैसे, चोरी ना करना या झूठ ना बोलना।

ایڈیپس کمپلیکس: اس میں لڑکا اپنی ماں سے خود سے زیادہ پیار کرتا ہے باپ کے مقابلے میں۔

*Oedipus complex: इसमें लड़का अपनी माँ से ज्यादा प्यार करता है अपने पिता के मुकाबले।

 الیکٹرا کمپلیکس: اس میں لڑکی اپنے باپ سے زیادہ پیار کرتی ہے ماں کے مقابلے۔

*Electra complex: इसमें लड़की अपने पिता से ज्यादा प्यार करती है अपनी माँ के मुकाबले

 نرگسیت:- اس میں انسان اپنے آپ سے زیادہ پیار کرتا ہے۔

*स्वमोह (Narcissism):- इसमें व्यक्ति खुद से अबसे ज्यादा प्यार करता है।

ہم آہنگی

समायोजन
 (ADJUSTMENT)

 ایڈجسٹمنٹ: اپنے آپ کو حالات کے مطابق ڈھالنا تاکہ کسی کی ضروریات کو پورا کیا جاسکے ایڈجسٹمنٹ کہلاتا ہے۔

*समायोजन (ADJUSTMENT): परिस्तिथि के अनुसार अपने आपको ढाल लेना समायोजन कहलाता है ताकि अपनी आवश्यकताओं को संतुष्ट किया जा सके

 بد نظمی (خراب ایڈجسٹمنٹ): - اگر کوئی شخص ماحول میں اپنی ضروریات پوری کرنے کے قابل نہیں ہے تو یہ خرابی کو ظاہر کرتا ہے۔

* कुसमायोजन (Maladjustment) :- यदि कोई व्यक्ति वातावरण में अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाता तो वह कुसमायोजन को दर्शाता है।

 خرابی کے عناصر

कुसमायोजन के तत्व (Elements of maladjustment)

نمبر ایک: تناؤ: جب کوئی شخص ماحول اور تقاضوں کے مطابق کام کرنے سے قاصر ہو تو وہ تناؤ کا شکار ہو جاتا ہے۔

1. तनाव (STRESS) : जब व्यक्ति वातावरण और मांग के अनुरूप कार्य नहीं कर पाता तो वह तनाव में आ जाता है।

نمبر دو: نفرت/فکر:- جب انسان اپنے آپ کو ماحول اور حالات کے مطابق تبدیل نہیں کر پاتا تو اس کے اندر نفرت اور فکر جاگ اٹھتی ہے۔

2.  द्वेष / चिंता (HATRED / WORRY):- जब व्यक्ति वातावरण और परिस्तिथि के अनुसार अपने आपको बदल नहीं पाता तो उसमे द्वेष और चिंता जागृत हो जाती है।

نمبر تین: دباؤ: مسابقت کی وجہ سے ایک شخص خود اعتمادی کے لیے دباؤ میں آتا ہے۔

3. दबाब (COMPRESSION):- दबाव प्रतियोगिता के कारण होता है आत्म सम्मान के लिए व्यक्ति दबाव में आ जाता है।

نمبر چار: مایوسی: - رکاوٹ کی وجہ سے کسی بھی خواہش میں امید ختم ہو جانا مایوسی کہلاتا ہے۔

4.  कुंठा (FRUSTRATION) :- किसी भी इच्छा में बाधा आने से उसकी उम्मीद ख़त्म हो जाना कुंठा कहलाती है।

نمبر پانچ: تصادم ہوتا ہے: - جب ایک ہی وقت میں دو طاقتیں بیدار ہوتی ہیں، تو انسان کے اندر تصادم پیدا ہوتا ہے۔

5. द्वंद्व (CONFLICT) जाता है :- जब एक ही समय में दो शक्तिया जागृत हो जाती है तब व्यक्ति के अंदर द्वंद्व उत्पन्न हो।

 دفاعی طریقہ کار

सुरक्षा युक्तियां (Defence  mechanism)

یہ ایسے ہتھکنڈے ہیں، جن میں انسان کسی خاص صورت حال میں اپنی پریشانیوں اور کوتاہیوں سے چھٹکارا پانے کے لیے عارضی ڈھال کا استعمال کرتا ہے۔

ये ऐसी युक्तियाँ होती है जिसमे व्यक्ति विशेष परिस्थिति में अपनी चिंता और कमीयो से मुक्ति पाने के लिए एक अस्थायी कवच को साधन के रूप में इस्तेमाल करता है

دفاعی حکمت عملی جو افراد ایڈجسٹمنٹ کرنے کے لیے استعمال کرتے ہیں, وہ دو قسم کی ہیں:۔

समायोजन करने के लिए व्यक्ति जिन रक्षात्मक युक्तियों का सहारा लेते है, वह दो प्रकार की होती है:

نمبر ایک: براہ راست طریقہ

1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)

نمبر دو: بالواسطہ طریقہ

2. अप्रत्यक्ष विधि (Indirect Method)

نمبر ایک: براہ راست طریقہ:- تناؤ کو کم کرنے کے براہ راست طریقے وہ ہیں جنہیں انسان شعوری طور پر اپناتا ہے۔

1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) :- तनाव को कम करने के प्रत्यक्ष उपाये वे है जिन्हे व्यक्ति चेतन रूप में अपनाता है।

نمبر دو: بالواسطہ طریقہ: تناؤ کو کم کرنے کے بالواسطہ طریقے وہ ہیں، جنہیں انسان لاشعوری طور پر استعمال کرتا ہے۔

2. अप्रत्यक्ष विधि (Indirect Method): तनाव को कम करने के अप्रत्यक्ष उपाये वे है जिन्हे व्यक्ति अचेतन रूप में अपनाता है।

نمبر ایک:عقلیت سازی: اس میں ایک شخص اپنی بات کو درست ثابت کرنے کے لیے غلط وجوہات اور رد عمل دیتا ہے، جیسے کہ پرچہ پاس نہ کرنے کے لیے استاد پر الزام لگانا۔

1. तर्कसंगति (Rationalisation): इसमें कोई व्यक्ति अपनी बात को सही ठहराने के लिए झूठे कारण और प्रतिक्रिया देता है, जैसे पेपर पास न होने पर अध्यापक को दोष देना

نمبر دو: جبر: اس میں انسان کی تکلیف دہ یادیں، خیالات یا احساسات لاشعوری ذہن میں چلے جاتے ہیں۔

2. दमन (Repression): इसमें व्यक्ति के कष्टदायक यादें, विचार या भावना अचेतन मन में चली जाती है।

نمبر تین: دبانا: جب انسان کی خواہش پوری نہیں ہوتی تو وہ زبردستی اس خواہش کو بھول جاتا ہے۔

3. शमन (Suppression) :- जब व्यक्ति की कोई इच्छा पूरी नहीं होती तो वह Forcefully उस इच्छा को भुला देता है।

نمبر چار: معاوضہ: - اس میں، ایک شخص دوسرے علاقے سے ایک علاقے میں ہونے والی کوتاہیوں یا ناکامیوں کی تلافی کرتا ہے، جیسے - ایک چھوٹی لڑکی کی طرف سے اونچی ایڑی کے سینڈل پہننا۔ 

4. क्षतिपूर्ति (Compensation) :- इसमें व्यक्ति एक क्षेत्र की कमियों या असफलताओ को दूसरे क्षेत्र से पूरा करता है, जैसे- कम लम्बाई वाली लड़की दद्वारा ऊँची heel वाली sandals पहनना

نمبر پانچ: شناخت:- اس میں ایک شخص دوسرے شخص کی شخصیت سے متاثر ہو کر خود کو اس کی شخصیت میں ڈھالنے کی کوشش کرتا ہے، جیسے لڑکے سلمان خان کو دیکھ کر جسم بنانے لگتے ہیں۔

5. आत्मीकरण / तदात्मीकरण (Identification):- इसमें व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर खुद को उसके व्यक्तित्व में ढालने का प्रयास करता है, जैसे सलमान खान को देखकर लड़के बॉडी बनाना शुरू कर देते है।

نمبر چھ: نقل مکانی: جب کوئی شخص اپنے جذبات، خیالات اور خواہشات کا اظہار کرنے سے قاصر ہوتا ہے تو وہ اپنے جذبات کا اظہار کسی اور پر کرکے ایڈجسٹمنٹ کرتا ہے، جیسے گھر آکر دفتر میں باس کی ڈانٹ کے بعد بچوں پر اپنا غصہ نکالنا۔

6. प्रतिस्थापन (Displacement): जब व्यक्ति अपने संवेग, विचार और इच्छाओ को व्यक्त करने में असमर्थ होता है तो वह किसी अन्य पर अपनी भावना अभिव्यक्त करके समायोजन स्थापित करता है, जैसे office में boss की डॉट पड़ने पर घर आकर बच्चो पर गुस्सा निकालना

نمبر سات:رجعت: جب کوئی شخص کسی دباؤ کا سامنا کرتا ہے، تو وہ اس سے بچنے کے لیے ماضی میں چلا جاتا ہے، جیسے کہ غصے میں آنے پر بچوں کی طرح چیخنا یا ٹوٹنا۔

7. प्रतिगमन (Regression): जब किसी व्यक्ति को कोई तनाव होता है तो वह उससे बचने के लिए past में चला जाता है, जैसे गुस्सा आने पर बच्चो की तरह चिल्लाना या तोड़ फोड़ करना

نمبر آٹھ: سربلندی: اس میں انسان معاشرے کے منظور شدہ مقاصد کے مطابق اپنی غیر اخلاقی خواہشات اور محرکات کو پورا کرتا ہے، جیسے بچپن میں ناراض بچہ بڑا ہو کر باکسر بن جاتا ہے۔

 8.उदात्तीकरण (Sublimation) :- इसमें व्यक्ति अपनी अनैतिक इच्छाओ, प्रेरणाओं की संतुष्टि समाज के स्वीकृत उ‌द्देश्यों के अनुसार करता है, जैसे बचपन में गुस्सेल बच्चे का बड़े होकर boxer बनना


Post a Comment

Previous Post Next Post